राजेन्द्र यादव की कहानियों में नारी जीवन

राजेन्द्र यादव की कहानियों में नारी जीवन

Authors

  • Prof. Ajay Kumar Mahamaya Government College Kaushambi, Uttar Pradesh, India Author

Keywords:

राजेन्द्र यादव, नारी जीवन, स्त्री-विमर्श, मनोवैज्ञानिक यथार्थ

Abstract

राजेन्द्र यादव हिन्दी के प्रमुख कथाकारों में अग्रणी हैं, जिन्होंने नई कहानी आंदोलन को वैचारिक तथा रचनात्मक दिशा प्रदान की। उनकी कहानियाँ आधुनिक भारतीय समाज की जटिलताओं, मध्यमवर्गीय जीवन की विडम्बनाओं तथा स्त्री-पुरुष संबंधों की बदलती संवेदनाओं का यथार्थपरक चित्रण करती हैं। प्रस्तुत शोध-पत्र में राजेन्द्र यादव की प्रमुख कहानियों—‘जहाँ लक्ष्मी कैद है’, ‘छोटे-छोटे ताजमहल’ तथा ‘टूटना’—के माध्यम से नारी जीवन के विविध आयामों का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन में यह स्पष्ट हुआ कि राजेन्द्र यादव ने स्त्री को केवल करुणा या त्याग की प्रतिमूर्ति के रूप में नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, स्वतंत्र चेतना और अस्मिता के लिए संघर्षरत व्यक्तित्व के रूप में चित्रित किया है। उनके कथा-साहित्य में स्त्री-विमर्श, मनोवैज्ञानिक विश्लेषण तथा सामाजिक यथार्थ का प्रभावशाली समन्वय दिखाई देता है।

 

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Author Biography

  • Prof. Ajay Kumar, Mahamaya Government College Kaushambi, Uttar Pradesh, India

    Professor, Department of Hindi
    Mahamaya Government College
    Kaushambi, Uttar Pradesh, India

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Published

2026-06-30

How to Cite

राजेन्द्र यादव की कहानियों में नारी जीवन: राजेन्द्र यादव की कहानियों में नारी जीवन. (2026). International Journal of Languages, Literature and Linguistic Research (IJLLR), 1(1), 57-66. https://ijllr.nobleinkresearch.com/1/article/view/7