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“विस्थापन, सामाजिक परिवर्तन और मानवीय संवेदना : बीसवीं शताब्दी के अंतिम दशक के हिंदी उपन्यासों का अध्ययन”, IJLLR, vol. 1, no. 2, pp. 38–53, Sep. 2026, doi: 10.68219/a8f27313.