“विस्थापन, सामाजिक परिवर्तन और मानवीय संवेदना : बीसवीं शताब्दी के अंतिम दशक के हिंदी उपन्यासों का अध्ययन” (2026) International Journal of Languages, Literature and Linguistic Research (IJLLR), 1(2), pp. 38–53. doi:10.68219/a8f27313.